जितनी बड़ी File उतना बड़ा पैसा: बिहार में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए हेल्पलाइन जारी की जाए: नरेंद्र कुमार
| Updated: Dec 20, 2021 | Category: Blog

जितनी बड़ी File उतना बड़ा पैसा: बिहार में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए हेल्पलाइन जारी की जाए: नरेंद्र कुमार

किसी भी देश की प्रगति में सबसे बड़ा हाथ वहाँ के सिस्टम का होता है, अगर देश के उच्च पद पर बैठे लोग ईमानदार होंगे तभी देश का विकास संभव हो पायेगा लेकिन जिस देश में भ्रष्टाचार ने अपनी जड़ों को मजबूत कर लिया हो उस देश में विकास कभी नहीं हो सकता। बिहार में भ्रष्टाचार चरम पर है और धीरे धीरे बिहार की व्यवस्था को खोखला कर रहा है। बिहार में भ्रष्टाचार के कारण सरकार की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बिहार में पुलिस, अदालत, सरकारी अस्पताल, पहचान पत्र लेने की प्रक्रिया और बिजली, पानी जैसी सेवाओं में अक्सर रिश्वत ली जाती है। 

अधिकतर लोगों ने कहा कि उन्हें सरकार की व्यवस्था पर से बिलकुल विश्वास उठ गया है। आम लोगों को इससे परेशानी तो होती ही है लेकिन उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुंह खोला तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।  

एक गरीब आदमी जब काम कराने जाता है तो उसके पास समय नहीं होता की कंप्लेंट करा सके ये उसकी मज़बूरी बन जाती है की जल्दी से जल्दी कोई भी रास्ता अपनाकर अपना काम कराए। 

कई बड़ी पार्टिया इसके खिलाफ आंदोलन करती है लेकिन भ्रष्टाचार केवल आंदोलन करने से समाप्त नहीं होगा जब तक इसके खिलाफ कोई ठोस करवाई नहीं की जायेगी तब तक यह समस्या जस की तस बनी रहेगी। 

प्रशासनिक भ्रष्टाचार के मामले में बिहार अव्वल नंबर पर है।

प्रशासनिक भ्रष्टाचार के मामले में बिहार का नाम अव्वल राज्यों में शामिल हो चूका है। यह रिपोर्ट दुनिया के तीन सबसे बड़े विश्वविद्यालयों यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के स्कॉलर गुओ जू, मैरिएन बंट्रेंड और रॉबिन बर्गीज के भारत की नौकरशाही भ्रष्टाचार पर किए गए शोध के पश्चात जारी की गई है। 

यहां पोलिटिकल पहचान से काम जल्दी और फ्री में होता है 

पुलिस, अदालतें और कागजात हासिल करने जैसे कामों में निजी ताल्लुकात का इस्तेमाल करने की बात भी बिहार में बड़ी संख्या में होती है। अधिकतर लोग जिनकी पहचान किसी पॉलिटिशियन से है तो उनका काम आदेशों, जल्दी और फ्री में किया जाता है। लेकिन अगर आपकी पहचान किसी नेता से नहीं तो रिश्वत तो आपको देनी ही पड़ेगी। इससे साफ़ जाहिर होता है कि प्रशासनिक प्रक्रिया ठीक से काम नहीं कर रही हैं जिसकी वजह से जान पहचान का सहारा लेना पड़ता है। 

अफसरों में बढ़ता भ्रष्टाचार 

जिस हिसाब से घोटालो में अधिकारियों की संख्या बढ़ रही है उसको देख कर लगता है की बहुत बड़ी संख्या में अधिकारी ऐसे हैं जो भ्रष्टाचार में लिप्त है। 

बिहार में लगभग 2500 से 3000 लोग हैं जो BPSC (Bihar Public Service Commission) से हैं और लगभग 1100 से 1200 तक लोग आईएएस और आईपीएस हैं। उनकी संपत्ति लगातार बिना किसी स्त्रोत के बढ़ती जा रही है। इनके साथ साथ इनसे जुड़े लोगों के रिश्तेदारों की संपत्ति भी बढ़ती जा रही है। इनके नाम से कई कम्पनिया और NGO आदि खोले जा रहे हैं। ऐसे लोगों पर सरकार को विशेष करवाई करनी चाहिए। जिसके तहत जांच की जानी चाहिए की लगातार बढ़ती संपत्ति का क्या कारण है और दोषी पाए जाने पर उन्हें कड़ा दंड सहित जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए। 

बिहार में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए हेल्पलाइन जारी की जाए

आत्मनिर्भर सेना के संस्थापक नरेंद्र कुमार जी कहते हैं की बिहार में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए हेल्पलाइन जारी की जानी चाहिए जिसके माध्यम से वे सरकार से रिश्वत लेने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेंगे। अगर आप बड़े शहरों के सरकारी दफ्तरों में जाएँ तो वह बाहर शिकायत नंबर लगा होता है। इसी प्रकार बिहार सरकार को भी विजिलेंस सम्बंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए एक हेल्पलाइन जारी करनी चाहिए। सरकार को इस क्षेत्र में इच्छाशक्ति दिखानी चाहिए एक पूरी लिस्ट तैयार करके ऐसे लोगों पर ताबड़तोड़ एक्शन लिया जाना चाहिए।

भ्रष्टाचार पर रोक के लिए कड़े कानून बनाए सरकार 

यदि कोई सरकारी अधिकारी अपने निजी लाभ के लिए या फिर जनहित के खिलाफ अपने पद का दुरुपयोग करता है तो उस व्यक्ति के खिलाफ सजा का प्रवधान रखा जाना चाहिए। जिसके तहत आरोपी पर अपराध सिद्ध होने के बाद उसे लंबे समय तक कारावास के साथ-साथ पीड़ित व्यक्ति की क्षतिपूर्ति के लिए वित्तीय दंड का प्रवधान भी होना चाहिए। 

भ्रष्टाचार से होने वाली समस्याएं

भ्रष्टाचार से होने वाली समस्याएं
  • बिहार के विकास की योजनाओं का ठीक तरह से पालन नहीं होता
  • कमजोर वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता 
  • लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार से राज्य की छवि खराब होती है 
  • आम आदमी को भ्रष्टाचार के कारण मानसिक और आर्थिक नुक्सान झेलना पड़ता है
  • लोग शिकायत करने से डरते है जिस कारण उन्हें मजबूरन पैसे देकर अपना काम करवाना पड़ता है।  

जन जागरूकता से ही बदलेंगे हालात 

भ्रष्टाचार अर्थव्यवस्था और समाज के लिए एक अभिशाप है। सरकार को बिहार में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने चाहिए साथ ही सरकार को समय-समय पर लोगों के भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए जागरूक भी करना चाहिए। 

भ्रष्टाचार केवल रिश्वत लेने वालो से ही नहीं बल्कि देने वालों कारण भी बढ़ती है। जन भागीदारी से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले हमें रिश्वत देकर काम करवाना बंद करना होगा। इसके साथ ही रिश्वत मांगने वालों की जानकारी सरकार को शिकायत के माध्यम से देनी होगी। हमें अपने समाज से उन लोगो का बहिष्कार करना होगा जो की भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। राजनीति में भी हमें केवल उन्हीं जन प्रतिनिधि का चुनाव करना चाहिए जिनपर भ्रष्टाचार का कोई आरोप ना हो। 

नरेंद्र कुमार जी की संस्था बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ भी काम कर रही है 

आत्मनिर्भर सेना के संस्थापक नरेंद्र कुमार जी कहते हैं की हमारी संस्था भ्रष्टाचार के खिलाफ भी काम कर रही है चाहे वह वृद्धा पेंशन हो या किसी भी प्रकार की सरकारी योजना जिसमे आम लोगो से अफसरों द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है। वृद्ध लोगों की सहायता के लिए नरेंद्र कुमार जी ने वृद्धा पेंशन योजना की शुरुआत की है जिसके तहत वृद्धजनों को सरकार से पेंशन दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा और साथ ही जब तक उन्हें सरकार से पेंशन मिलनी नहीं शुरू हो जाती तब तक संस्था की ओर से मासिक पेंशन दिया जाएगा।

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