बिहार में पर्यटन क्षेत्र को है विकास की जरुरत: राज्य में विकास का जरिया बन सकता है पर्यटन उद्योग: नरेंद्र कुमार
| Updated: Dec 25, 2021 | Category: Blog

बिहार में पर्यटन क्षेत्र को है विकास की जरुरत: राज्य में विकास का जरिया बन सकता है पर्यटन उद्योग: नरेंद्र कुमार

पर्यटन उद्योग का देश के आर्थिक विकास में बहुत बड़ा योगदान रहा है। साथ ही पर्यटन उद्योग का रोजगार सृजन में भी बहुत बड़ा योगदान रहा है। बीते दो वर्षों में महामारी के कारण पर्यटन स्थलों को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। देश भर में फैली कोरोना महामारी का सबसे ज्यादा असर पर्यटन उद्योग को ही हुआ है।  एक अनुमान के अनुसार महामारी के कारण बिहार में पर्यटन उद्योग को 10 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।  

भारत में पर्यटन के लिए बहुत सारे प्रसिद्ध स्थान हैं। देश का हर एक क्षेत्र सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधताओं से भरपूर है। इनमें बिहार एक ऐसा राज्य है, जिसका पर्यटन के लिहाज से अंतरराष्ट्रीय महत्व बहुत ज्यादा है। अभी कुछ समय पहले ही बिहार की राजधानी पटना में एक विशाल राज्य संग्रहालय का उद्घाटन किया गया है। जिसके माध्यम से बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को और भी व्यापक तरीके से समझने में मदद मिल सकती है। 

बिहार में पर्यटन को विकास की जरुरत है 

भारत का राज्य बिहार अपनी प्राचीन धरोहर के लिए भी जाना जाता है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से बिहार उन महत्वपूर्ण जगहों में से एक है जहां आज भी काफी पुराने अतीत से जुड़े कई प्राचीन अवशेषों को देखा जा सकता है। बिहार का नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया का पहला और सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय है। बिहार ही वह ऐतिहासिक जगह है जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। दुनियाभर में फैले बौद्ध धर्म की जड़े बिहार से ही शुरू हुई हैं। केवल यही नहीं ऐसी बहुत सी ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है बिहार में जो बिहार के गौरवपूर्ण इतिहास की गवाही देते हैं जरुरत है तो बस इनके वास्तविक मूल्यों को पहचानने की।  

बिहार में पर्यटन का विकास करके बिहार के गौरवपूर्ण और प्राचीन इतिहास को फिर से जीवित किया जा सकता है। सरकार को इन प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण करके यहाँ पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए। बिहार सरकार को इसके लिए प्रमोट करना चाहिए जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को बिहार के प्राचीन इतिहास और यहां की धरोहरों के बारे में जानकारी मिले। पर्यटन को बढ़ावा देकर बिहार में विकास की दर भी बढ़ेगी।  

उत्तर बिहार में पर्यटन उद्योग बन सकता है विकास का जरिया  

उत्तर बिहार को विकसित करके यहां पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। उत्तर बिहार के जिला सीतामढ़ी माता सीता की जन्मभूमि है यहां पर स्थित हलेश्वर स्थान और माँ जानकी मंदिर अपनी प्राचीन इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। हजारों श्रद्धालु यहां माता के दर्शन के लिए आते हैं।  

इसके अलावा गया जिला बिहार के महत्वपूर्ण तीर्थस्थानों में से एक है। पितृपक्ष के अवसर पर यहाँ हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु पिंडदान के लिये आते हैं। सरकार को इन धार्मिक स्थलों को संरक्षित करना चाहिए जिससे साल दर साल यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ती रहे।  

पर्यटकों के लिए बिहार में उचित सुविधाएं मुहैया कराई जाएं  

बिहार में सालाना दो करोड़ देसी पर्यटक तथा दस लाख विदेशी पर्यटक आते हैं। बोधगया के लिए जो विदेशी पर्यटक आते हैं, पर्यटन विभाग को उन्हें बिहार के दूसरे धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर के प्रति आकर्षित करना चाहिए। उनके लिए बेहतर परिवहन, होटल एवं लोकल गाइड, टूर गाइड की सुविधा मुहैया करानी चाहिए। पर्यटकों की सुविधा के लिए लोकल गाइड को बेहतर से बेहतर जानकारी के लिए ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। बोधगया में हर साल तीन से चार लाख विदेशी पर्यटक आते हैं।  

पर्यटकों के लिए बिहार में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनके लिए यातायात को सुविधाजनक बनाने के लिए सड़के तथा परिवहनों का विशेषकर ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही बैंक और एटीएम की सुविधा हर गाँव में होनी चाहिए।  

फूड प्रोसेसिंग बिजनेस से राज्य को होगा आर्थिक लाभ

बिहार में फ़ूड प्रोसेसिंग बिज़नेस शुरू करके अच्छी कमाई की जा सकती है। बिहार में आने वाले टूरिस्ट यहाँ के बने नेचुरल फ़ूड आइटम्स को खाना और खरीदना पसंद करेंगे। ये तो हम सभी जानते हैं की बिहार का मुजफ्फरपुर अपनी शाही लीची के लिए मशहूर है साथ ही कई जिले अपने आम उत्पादन मखाना उत्पादन के लिए भी मशहूर हैं। ऐसे में जो भी पर्यटक बिहार घूमने आयंगे वे यहां की विश्वप्रसिद्ध शाही लीची का स्वाद लेना जरूर चाहेंगे। इसके अलावा लीची या मखाना फ़ूड प्रोसेसिंग बिज़नेस शुरू करके भी राज्य को बहुत फ़ायदा होगा। यहां आने वाले पर्यटक बिहार में उत्पादन होने वाले खाद्य पदार्थ तथा यहां बनने वाली चीज़े जैसे की रेशम की साड़ी और मुजफ्फरपुर में बनने वाले लहठी को जरूर खरीदना चाहेंगे इससे ना सिर्फ कारोबारियों का फ़ायदा होगा बल्कि स्टेट जीडीपी बहुत फ़ायदा होगा।  

बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कारक

बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कारक
  • यहां की संस्कृति और विरासत 
  • ग्रामीण इलाकों में बसने वालों की कला तथा शिल्प 
  • पारिस्थितिकी और वन्य जीवन  
  • मेला और महोत्सव 
  • पारंपरिक व्यंजन और पकवान  
  • यहां के अध्यात्मिक स्थल  
  • प्राचीन धरोहर  

संस्कृति और विरासत 

बिहार में कई प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरें हैं जैसे की नालंदा, राजनगर का नौलखा महल, शेरशाह का मकबरा आदि। प्राचीन स्थल विश्व विरासत स्थलों की क्षमता रखते है। इन धरोहर की संरचना को बनाये रखते हुए ऐतिहासिक इमारतों को परिवर्तित इमारतों के साथ Special Heritage Zone के रूप में विकसित किया जा सकता है। 

बिहार के हथकरघा और हस्तशिल्प के विकास के लिए शिल्पग्राम और हस्तशिल्प बाजार viksit किया जाना चाहिए जिससे यहां पर्यटकों की पहुंच हो सके।  

पारिस्थितिकी और वन्य जीवन  

बिहार का वन्य जीव भी पर्यटन को प्रोत्साहित कर सकता है।  

मेला और महोत्सव 

सोनपुर का मेला विश्वभर में प्रसिद्ध है साथ ही यहां की छठ पर्व, सौराठ सभा, राजगीर महोत्सव केवल भारत ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।  

सिनेमा 

बिहार के पर्यटन स्थलों पर फिल्म सूटिंग को सिंगल विंडो क्लीयरेंस के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।  

व्यंजन आधारित: बिहार के व्यंजन और खाद्य पदार्थ विश्वभर में निर्यात किये जाते हैं। यहाँ के पारंपरिक व्यंजन को बढ़ावा देकर विश्व स्तर पर इन्हे पहचान दिलाई जा सकती है। सरकार को यहाँ फ़ूड फेस्टिवल जैसे आयोजन शुरू करने चाहिए। फूड फेस्टिवल के माध्यम से राज्य के व्यंजन जैसे- खाजा, लाई, बेलग्रामी, तिलकुट, लिट्टी-चोखा, सत्तु और मखाना के उत्पाद आर्थिक अवसर उत्पन्न कर सकते हैं।  

अध्यात्मिक: बुद्ध सर्किट, सूफी सर्किट, जैन सर्किट, रामायण सर्किट, शक्ति सर्किट, सिख सर्किट, गाँधी सर्किट, शिव सर्किट, मण्डार एवं अंग सर्किट, कांवरिया रूट  

बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करेगी नरेंद्र कुमार की संस्था आत्मनिर्भरसेना  

बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर सेना लगातार प्रयास कर रही है जिसके तहत आत्मनिर्भर सेना के संस्थापक नरेंद्र कुमार जी ने सरकार से बात की है। नरेंद्र कुमार ने Zee बिहार झारखण्ड न्यूज़ चैनल के माध्यम से सरकार और जनता के सामने अपनी बात रखी। नरेंद्र कुमार ने कहा की बिहार में पर्यटन क्षेत्र में विकास की जरुरत है। पर्यटन में विकास करके  अपने राज्य को भी विकसित कर सकते हैं। राज्य में फ़ूड प्रोसेसिंग बिज़नेस शुरू करके हम यहां आने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर सकते है। साथ ही जब पर्यटक इन चीज़ों को खरीदेंगे तब राज्य को भी आर्थिक लाभ होगा।

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