आत्मनिर्भर सेना ने दिया बेहतर स्वास्थ्य का उपहार: जल्द ही सीतामढ़ी के ओलीपुर में खुलेगा 100 बेड का अस्पताल
| Updated: Jan 07, 2022 | Category: Blog

आत्मनिर्भर सेना ने दिया बेहतर स्वास्थ्य का उपहार: जल्द ही सीतामढ़ी के ओलीपुर में खुलेगा 100 बेड का अस्पताल

बिहार के सीतामढ़ी जिले में गरीबों को सस्ती स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आत्मनिर्भर सेना द्वारा रुन्नीसैदपुर प्रखंड के ओलीपुर सरहचिया गांव में आधुनिक सुविधाओं से लैस 100 बेड का अस्पताल खोला जाएगा। 

बीते वर्ष महामारी के समय में बिहार में चिकित्सा व्यवस्था  (Health Care system in Bihar) बुरी तरह से चरमरा गई थी। पूरे बिहार में लोगो को दवाइयों और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कमी का सामना करना पड़ रहा था। कहीं लोगो को जमीन पर लेटकर और बैठकर अपना उपचार कराना पड़ रहा था वहीं कुछ अस्पतालों में नए बेड पड़े-पड़े धूल खा रहे थे। वहीं दूसरी तरफ वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की कमी के कारण हज़ारों लोगों को अपनी जान भी गवानी पड़ी। 

संसाधनों की कमी के कारण स्वास्थ्य उपकेंद्र भी सही तरीके से काम नहीं कर रहें हैं और पूरे बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था के संचालन में उचित निगरानी नदारद है। 

स्वास्थ्य उपकेंद्र की जमीनी हकीकत बहुत ही खतरनाक है क्योंकि ज्यादातर स्वास्थ्य उपकेंद्र एक ही खास दिन पर खोले जाते हैं। बाकी दिन जनता को गाँव में या तो अनधिकृत मेडिकल स्टोर से इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है और गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों के मामले में उन्हें निजी डॉक्टरों और नर्सिंग होम में जान बचाने के लिए दिल्ली तक का सफर तय करना पड़ता है।

चिकित्सा उपकरणों और बेड की कमी के कारण हमने रोज़ाना हजारों लोगों को मरते हुए देखा। नरेंद्र कुमार की संस्था आत्मनिर्भर सेना के प्रयासो से बिहार के कई क्षेत्रों में कई लोगो की जान बचाई गई। आत्मनिर्भर सेना संगठन के संस्थापक नरेंद्र कुमार का कहना है की हम बिहार में आधुनिक और किफायती अस्पताल खोलने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और अपने इस संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने इस मिशन की शुरुआत अपने गांव ओलीपुर से शुरू की है। 

5 मंजिला होगा यह 100 बेड का अस्पताल

चिकित्सा सम्बन्धी इन समस्याओं को देखते हुए आत्मनिर्भर सेना के संस्थापक नरेंद्र कुमार ने इस अस्पताल को खोलने का निर्णय लिया है। इसके लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। साथ ही अस्पताल का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। जल्द ही सीतामढ़ी के ओलीपुर में सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस 100 बेड का अस्पताल बन कर तैयार हो जाएगा। इस अस्पताल में बच्चों की देखभाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ व ट्रॉमा जैसे विशेष विभागों के साथ इमरजेंसी वार्डस भी होंगे। इस अस्पताल की ईमारत पांच मंजिला होगी जहां 100 बेड की व्यवस्था होगी। आत्मनिर्भर सेना द्वारा शुरू किये गए इस अस्पताल में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 

हर जीवन मायने रखता है: नरेंद्र कुमार 

आत्मनिर्भर सेना के संस्थापक नरेंद्र कुमार कहते है “हम स्वास्थ्य सेवा को मानवता की अभिव्यक्ति के रूप में देखते हैं- हमारे लिए, हर जीवन मायने रखता है” । महामारी के दौरान हमने लाखों लोगों को सुविधाओं की कमी के कारण मरते हुए देखा है। यह अस्पताल खोलने के पीछे हमारा उद्देश्य केवल यही है की जिले के लोगों को सस्ती और आधुनिक उपचार की सुविधा मिले। किसी भी व्यक्ति को इलाज तथा दवाओं के अभाव में अपनी जान न गवानी पड़े। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान उत्तर बिहार में बिस्तर और ऑक्सीजन की भारी कमी देखी गई थी। जिस कारण हजारों लोगों को अपनी जाने गवानी पड़ी थी। 

अस्पताल के निर्माण के बारे में नरेंद्र कुमार कहते हैं की हम सबकुछ सरकार पर नहीं छोड़ सकते हैं। इस दिशा में केवल सरकार को ही नहीं बल्कि आम जनता को भी ध्यान देने की आवश्यकता है। बिहार के सक्षम पेशेवर जो बिहार मूल के हैं, उन्हें बिहार में कम फीस वाला अस्पताल बनाना चाहिए। जो सक्षम हैं उन्हें हर 10 किलोमीटर में एक अस्पताल का निर्माण करवाना चाहिए। बिहार को मजबूत करने का यही एकमात्र तरीका है। सरकार को भी बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए साथ ही उन्हें लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। बिहार में स्थित सभी अस्पतालों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करना चाहिए। 

सीतामढ़ी में है नए सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता 

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार सीतामढ़ी जिले में 134 सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता है, लेकिन जिले में केवल 16 सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र ही उपलब्ध हैं। बिहार सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह शेष 118 पीएचसी का निर्माण कर सके, इसके लिए गैर सरकारी संगठन द्वारा निजी क्षेत्रों में किफायती अस्पताल विकसित करना आवश्यक है।

सरकार को बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कम से कम 10 प्रतिशत खर्च करना चाहिए। क्योंकि वर्तमान में यह जीडीपी का केवल 2.5 प्रतिशत है। बिहार में स्वास्थ्य प्रणाली में बड़े सुधारों की आवश्यकता है। निजी अस्पताल द्वारा मूल्य वसूले जाने वाले शुल्क पर मूल्य नियंत्रण की आवश्यकता है। 

इसके अलावा बिहार के सक्षम पेशेवर लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार हर 10 किलोमीटर पर एक अस्पताल का निर्माण करवाना चाहिए। इससे बिहार में अस्पतालों और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति होगी और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा। नरेंद्र कुमार की संस्था हिंदराइज ने महामारी के दौरान सीतामढ़ी जिले के 5000 से अधिक लोगों के उपचार के लिए दवा और टेस्टिंग किट का वितरण किया[1]। ओलीपुर में खोले जाने वाला यह अस्पताल समाज के निम्न-आय वर्ग के लिए एक आधुनिक और गैर-लाभकारी व कम लागत वाला अस्पताल होगा।

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